असमंजस (Indecisiveness)

असमंजस की स्थिति तो हरेक के जीवन में बीच बीच में आती जाती ही रहती है,इस अवस्था में हम कब तक रहते हैं ये मार्के बल है,जितनी कम देर हो उतनी भली।
आपका महत्वाकांक्षी मन ही आपको ऐसी स्थिति में ला खड़ा करता है,मन ,बुद्धि,विवेक मिलकर जीवन की गाड़ी कंट्रोल करते हैं.......मन गाड़ी को गतिमान रखता है; बुद्धि स्पीड को नियंत्रित करता है; विवेक सही दिशा में रखने हेतु स्थान स्थान पर मोड़ता है। ऐसे ही मोड़ मुड़ते समय असमंजस की स्थिति बन जाया करती है!

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