रफ्तार(Speed)
श्वास की भी अपनी रफ्तार होती है,आपने देखा होगा......कभी बहुत तेज चलती है तो परेशानी का सबब हो जाती है,धीमी चलती श्वास ही ठीक मानी जाती है!
मैन श्वास की निगरानी करके देखा है तो महसूस हुआ कि मन को श्वास की रफ्तार घटाकर नियंत्रित कर लिया जा सकता है.......ऐसी अवस्था में पहुंच लिया जा सकता है जिसके बाद करने का भाव समाप्त हो जाता है......कर्ता भाव तिरोहित हो जाता है और शरीर से कर्म ठीक वैसे ही होते चले जाते हैं जैसे श्वास का आना जाना !
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