उद्विग्नता patiencelessness)
कभी कभी जम सबका मन उद्विग्नता का शिकार हो जाता है और हमें पता चलते देर हो जाती है......हम दुखी होने लगते हैं,खीजने लगते हैं,नकारात्मक शक्तियां संसार में भी है औऱ मन में भी है,अतएव इससे बचना दुष्कर है.......होश में रहने का प्रयास करें,स्वंय को परखते रहें,कार्यशील रहें पर उद्विग्न न हों !
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