Anniversary (वर्ष गाँठ)

समय का पहिया घूमता ही रहता है,हम उसके घुमाव के साथ घूमते रहते हैं पर हमें पता तक नहीं चलता,जीवन जब अपने अंतिम दौर की यात्रा के लिए मुड़ता है तब सहसा सबकुछ समझ में आने लगता है !  .........किसलिए जन्म हुआ था,ठीक से कर्तव्यों का पालन कर पाया क्या ? प्रश्न कई उठते हैं,पानी के बुलबुले की तरह,जवाब की प्रतीक्षा भी नहीं करते और तिरोहित होते रहते हैं!
जीवन में एक काश रह जाता है,यह अगर है तो इसे रहने नहीं देना चाहिए,अभी से सतपथ पर जाने की सम्पूर्ण चेष्टा आरम्भ हो जानी चाहिए! जीवन हरेक मनुष्य का अनमोल है,सबों को हमारा साथ उतना तो मिलना ही चाहिए जितना के वे हकदार हैं,ईश्वर शक्ति-सामर्थ्य बनाए रखे!

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