गुब्बारे की हवा (Air inside a baloon)

आप क्या करते हैं कि कुछ हवा को गुब्बारे में कैद करते हैं फिर आपके बच्चे के खेलने की चीज बन जाती है,जितनी देर चाहे वे खेल लें पर गुब्बारा फट ही जाता है.....फिर कैद हवा मुक्त हो जाती है,आपने जिसे कैद किया था वह आपकी कैद में रहनेवाली थी ही नहीं,वस्तुतः किसी भी वस्तु को अनंत काल तक के लिए कैद नहीं किया जा सकता.....चाहे सजीव हो या हो निर्जीव सबकी आकांक्षा 'मुक्ति' ही है,सबकी यही चेष्टा होती है....मुक्ति,मुक्ति,मुक्ति !

Comments

Popular posts from this blog

आज की,अभी की दुनियाँ

निर्भार्यता