बीज और पौधे

बीज पूर्णतया नष्ट होने के लिए तैयार रहते हैं,उनके नष्ट होने का ही दूसरा नाम होता है अंकुरण और पौधे का जन्म। इस संसार में हम सभी बीज की ही भांति हैं,हमें मिटने के लिए तैयार होना होता है फिर सफलता मिलती है,जीवन का वृक्ष आकर लेने लगता है।

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