दशहारा:विजया दशमी----

 देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक दुर्दांत राक्षस का वध करके धर्म की रक्षा की थी। तब राक्षस देवताओं को पूजा और हवन कार्यों में बार-बार विघ्न पहुंचा रहे थे और दमनकारी प्रवृति से सामाजिक नियमों का उल्लंघन कर-करके उत्साहित होते रहते थे।

देवताओं ने प्रलाप करना शुरू किया,परित्राण के लिए व्याकुल पुकार सुन देवी दुर्गा प्रकट हुई और देवताओं का बचाव किया। सभी चारों युग-सतयुग,त्रेता,द्वापर,कलियुग में दो प्रकार की शक्तियां रही है। हमेशा आसुरी प्रवृतियों का विनाश होता आया है। यही आगे भी होता रहेगा। सज्जनों की जय और दुर्जनों की पराजय होती रहेगी। आइये, मिलकर देवी दुर्गा की आराधना करें।

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